Rajsthan ki trip bhoto ke sath || राजस्थान की ट्रिप भूतो के साथ

Rajsthan ki trip bhoto ke sath || राजस्थान की ट्रिप भूतो के साथ

राजस्थान के ट्रिप

दोस्तो मेरा नाम रमेश है और मै यूपी की रहने वाली हु | ये मेरे साथ घटित सच्ची घटना है जब मै दसवी क्लास में पढ़ती थी |हमारे स्कूल ने हमे राजस्थान में घुमने का प्रोग्राम बनाया था | हमको उस दिन सुबह ७ बजे स्कूल बुलाया था | उस ट्रिप के लिए हमारे स्कूल ने ५ गाडियों का जुगर किया था | हमारी गाडी सबसे शेष में खडी थी | हम सारी दोस्त गाडी में बैठ गयी | कुछ ही देर में फिर गाडी चलना शुरू हो गयी | हम सारी रास्ते में गाते ,गुनगुनाते, हँसते खेलते गल्प बोलते जा रहे थे | हमको रास्ते में एक घने अंधेरा जंगल से गुजरना पड़ा | उस रस्ते पर दूर दूर तक कोई इन्सान का नाम निशान नहीं था,किसी का कही घर भी नही था | उस रास्ते से गुजरते वक़्त मुझे अजीब सी घुटन महसूस होने लगी,शरीर भी बहुत खराब लगने लगा | हमारी गाडी के अंदर सवि डरके तोडा चुप चाप हो गेया।गाड़ी को उसी टाइम ही खराब होने था। अचानक गाड़ी के चक्का पंचर हो गयी | हमारी गाड़ी को वही जगा रोकना पड़ा | हमारी टीचर ने हमे गाडी से नीचे उतरने को कहा | हम सब सारी दोस्त गाडी से नीचे उतर गए | हमारी टीचर दुसरी गाडियों में बैठी टीचर को गाडी पंचर का बताया और उनको गाड़ी को रुकने से मना कर दिया कहा कि पंचर में थोडा समय लग सकता है | गाड़ी से नीचे उतरने के बाद ड्राईवर ने हमे बताया कि ” यहा से १०० मीटर की दूरी पर एक छोटी सा ढाबा है आप सभी लोग वहा जाकर कुछ खाना पीना कर लीजिये और हम गाड़ी का टायर बदल कर आता हु | हमारी टीचर बस के पास खडी रही और हम बस के अंदर ५० लड़का पैदल चल पडी उस ढाबा की तरफ | वो जंगल इतना घना था कि केवल जंगली जानवरों की चीखने की आवाज़े सुनाई दे रही थी और चारो ओर शुनशान सी लग रही थी जैसे सिनेमा में दिखाई देता हे हॉरर मूवी में वैसा लग रहा था| सभी उस ढाबे पर आके बैठा | वहा से बुढा सा आदमी उसका उमर ७० साल से कम नही अधिक लग रहा था ,चाय बना रहा था | उसे देखकर मुझे एकदम से घबराहट जैसा महसूस हुआ उसके नजर और मैंने उससे नजरे हटा ली | हम सभी लेडका ने वहा पर चाय पी और नाश्ता खाए | तभी थोड़ी देर में वहा जोर से किसी औरत के चिल्लाने की आवाज़ सुनाई दी | ऐसी आवाज़ सुनकर मै और मेरी दोस्त बहुत डर गेया | तभी वो बुढा आदमी लंगड़ाता हुआ जोर से जंगल की ओर डोरके भागा , तभी मेरी एक दोस्त को पेट दर्द और उल्टिया होने लगे | हमने तुरंत टीचर को फ़ोन लगाया लेकिन फोन का नेटवर्क सेबायो से बाहर बता रहा था | हम सभी दोस्त उस जगह पहुंचे जहा बस खडी थी | जब हम वहा पहुंचे तो हमारी सवकी दिमाग खराब हो गया । बस कहा जा सकते हे | हम सभी बुरी तरीके से फस गए थे और हम सब उसी ढाबे पर चलने लगे | ढाबा में जाने के बाद वो बूढ़ा आदमी को भी दिखाई देने लगे, वापस आ गया था, और उसने हम सबको बोलने लगे हमेशा “इस जंगल में ऐसी चीखे ,चिल्लाने की,रोने की शब्द आती रहती है और मुझे जंगल में किसीको दिखाई नहीं देता| बूढ़े आदमी की बाते सुनकर हम सब बहुत डर गए | तभी अचानक हमारी बस आने की शब्द सुनाई दी और हम सब बस में बैठ गई | हमने टीचर को पूछा कि “बस कहा चली गई थी ” तो टीचर ने कहा टायर तो बदल दिया था लेकिन तेल भरवाने के लिए पीछे के पेट्रोल पंप पर गए थे ” | ये बाते सुनकर हमारी जान में तोडी साहस आयी | मेरे सारे दोस्त उस बूढ़े आदमी को हात दिखाने बाय कर रही थी | पलको में देखा उस ढाबा और बूढ़ा आदमी अद्रिस्य हो गेया।सारे दोस्त भी देख के डर गई।जब हमने टीचर को बताया टीचर ने ड्राइवर को गाड़ी तेज चलाने की लिए बोला।हमने राजस्थान आकर जब होटल रहने की लिए आया तब होटल की मैनेजर को सारी बात बताई तब होटल की मैनेजर चौकाने बाला बात बताई जो सुन कर हमारी रोम रोम खड़ी हो गई।उसने बताया उस जंगल में भूतो का डेरा हे।बहुत समय पहले उस जंगल के रास्ते के पास छोटा मोटा दुकान और खाने का होटल ढाबा था लिकिन एक बार भू कांप के बजाय से बहुत लोग मर गई और होटल दुकान ढाबा सब जमीन के अंदर दब गई कही जिंदा नही बांचा क्योंकि भूमि काम्प रतको हुए था सब सो रही थी उसी समोय।उसके बाद से उस जंगल में अजीब अजीब हर कते होते रहता है।उसने बताया जाने के समय दूसरा मार्ग से जाना जो शहर के बीच से जाता है रास्ता।उसी स्कूल जीवन के बीता हुए पल आज भी याद हे और सोचने से शरीर पर सिहरन जाग जाते हे।।

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