Horror story by jinnad || जिन्नाद के सच्ची घटना



 दोस्तो मेरा नाम रफिक है ओर मै उत्तर प्रदेश का रहने वाला हू | आज मै आपको मेरे दोस्तो के साथ घटी एक सच्ची घटना पेश करने जा रहा हू | मेरे दोस्त का नाम अबूसफ है ओर हम बचपन से ही बहुत अच्छे दोस्त है ओर हमारी हर एक बात एक दुसरे से शेयर करते है | हम जब कोँलेज में आये थे तब उसकी सगाई हो गयी थी | वो उसकी मंगेतर से, जिसका नाम सूफिया था, से बहुत प्यार करता था ओौर वो दोनों रात भर मोबाइल 

पर बाते करते रहते है | एक दिन की बात है उसने मुझे बताया कि वो उसकी मंगेतर से रात को बात कर रहा था , अबु ने उसकी मंगेतर से मिलने केलिए बोला और बो राजी हो गई ।तब अबू ने उनसे मिलने के लिए गेया तब देखा वो और किसिसे बाते कर रही थी तब अबू ने सूफिया को बोली इतना रात को किस से बाते हो रही ?बोली तू ज्यादा मत बोल वरना तेरको वही दफन कर दूगी | अबू एक बार तो ये सुनकर चौक गया ओर फिर सोचा वो शायद मजाक कर रही होंगी | फिर अबू भी उसको मजाकमें बोला क्या कर लेगी तू मेरा, देखते है तो वो फिर बोली आज रात देख तेरे साथ क्या होता है | यह कहकर उसने मोबाइल रख दिया | अगली सुबह जब वसीम मुझसे मिला तो वो अपनी आप बीती बताने लगा | उसने मुझे रात को फ़ोन वाली बात बताई ओर उस रात उसके साथ जो हुआ वो बताया | उसने बताया कि रात को 2 -3 बजे के आस पास अचानक उसकी नींद खुली ओर उसके सामने एक सफेद लम्बी दाढी वाला आदमी बैठाथा वो बोलने लगा ले आ गया मै अब देख तेरे साथ क्या होता है | उसने अबू के गले को पकड लिया और उपर से सांसे रुक गयी | अबू ने उसी वक्त अल्लाह का नाम लेते हए नमाज में सुरा चोहल काफ पड़ना  शुरू कर दिया ओर वो उसके सामने से गायब हो गया  | मुझे उसकी बात सुनकर बड़ा चकित लगा हुआ कि एसे कैसे हो सकता है | उसके अगले दिन अबू ने फिर अपनी मंगेतर से मोबाइल पर बात की ओर बोला कल रात तुम मुझे क्या अनाब शनाब बोल रही थी | उसकी मंगेतर ने कहा एेसा कैसे हो सकता है जबकि कल रात भर में मम्मी के पास थी  | ये सुनकर वसीम के रौगटे खड़े हो गए ओर उसने तुरंत फ़ोन काट दिया | उसी वक्त वसीम ने मुझे फ़ोन किया कि उसकी मंगेतर की तबीयत खराब है ओर कल उसके घर पर चलना है अगले दिन हम दोनों तैयार होकर वसीम की मगेतर के घर गए | वहा हमने दरवाजा खट खटाया तो उसकी मगेतर सामने खडी थी ओर बदली हुई आदमी की आवाजे बोली तू फिर ईहा पड़ आगेया, तू अगर अंदर कदम रखा तो यही पर तेरा जान ले लूंगा  

अबू बोला ये  क्या बोल रही है तू | अबू अगे था ओर जैसे ही उसने घर में कदम रखा उसकी मंगेतर ने दीवार पर टंगी तस्वीर उतारकर अबू के सर पर फेक दिया | उसके सर से खून बहने लग गया | अबू के ससुर ओर सालो ने उसकी सूफिया को पकडकर बिठाया | फिर उसके सालो ने अबू के सर पर पटी बांधी | सूफिया के दादाजी ने बताया कि सूफिया को जिन्न का साया लग गया है | इस पर अबू के ससुर ने उन्हें अपना मू बंध रखने को कहा | थोड़ी देर रुककर हम वहा से सीधे अस्पताल जाकर ठिक से पटी करवाई | उसके अगले ही दिन मुझे अबू का फ़ोन आया कि सूफिया की तबीयत बहुत खराब है ओर वो अस्पताल में भर्ती है | अबू ने बाइक निकाली ओर हम दोनों जल्दी अस्पताल पहुचे | वहा 


पर पहुचते ही हमने डोक्टर से सूफिया की हालत के बारे में पूछा तो डॉक्टर ने बताया कि उसकी हालत बहुत नाजुक है गई।बीमारी कुछ  का पता नहीं चल  रहा है ओर उसके घर वालो को डोँक्टर ने सूफिया को घर ले जाने को कहा ।सभी हैरान थे कि एसी क्या बीमारी है जिसका इलाज डोक्टर के पास भी नहीं है | फिर उसके घर वाले सूफिया को घर ले आये | सूफिया ने अबू को बुलाया ओौर कहा कि मै अब ज्यादा दिन जिन्दा नहीं रह पांगी ओर तुम किसी अच्छी लडकी से शादी कर लेना | ये सुनकर अबू की ओखां मे आसू आ गये ओर बोलने लगा कि मै तुम्हे मरने नहीं दूंगा | फिर सूफिया के दादाजी ने उसको पास ही के पीर बाबा के पास ले जाने को कहा | हम उसको पीर बाबा के पास ले गए ओर पीर बाबा ने बताया कि इसको एक बुरे जिन्न ने पकड़ लिया है जिसकी वजह से वो इसके शरीर को नुकसान पंहुचा रहा है अब बहुत देर हो गयी है | पीर बाबा ने बताया कि इसका एक ही इलाज है यहा से १००किमी दूर एक दरगाह है वहा इसका इलाज हो सकता है | ओर बाबा ने बताया कि इसके साथ वही इन्सान जाएगा जिसे वो सबसे ज्यादा चाहती है | अबू ने कहा कि मै जाऊंगा।  रात के तीन बजे ओर सूफिया दोनों बाइक पर निकल पड़ |लिकिन उसके  घरसे निकल नेका बाद कुछ छाया सा उसके पीछे पीछे भाग रहा था दरगांव और १०० मिटर रह गया अचानक कहासे बड़ा तूफान आगेया और दोनो बाइक से गिर पारा,अबू को नमाज के सारे दूया याद था ,सुरा फलाक, आयतूल कुर्सी, चोहेल काफ उसी समय अबू सारी दुआ को जोर जोर से पड़ने लगा तब उनके रास्ते साफ़ हो गेया दोनो चलके दरगा पोउच गेया दरगाव में जाते ही बाहर का मोसोम ठीक हो गेया । दरगांव में जो पिर बाबा थे उसने सूफिया को दरगां के अंदर बैठाया और झार फूक किया एक कबोच भी दिया था दोनो को ।सूफिया ठीक होके घर लट गई कुछ दिनो के बाद दोनो का साधी हो गेया था।आज वो खुश हे ।

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