भूतों का बराती | भूतो की बाराती

दोस्तों आज मैं जो स्टोरी बताने वाला हूं यह एक भूत की बाराती का स्टोरी जो मेरे अंकल ने मुझे बताया था यह उनके साथ हुआ था। बचपन में सब लोगों को स्टोरी सुनना अच्छा लगता है और किसी किसी को अभी भी स्टोरी सुनना पसंद है चाहे वह सच्ची स्टोरी हो या ऐसे ही मनगडन काहानिया , नहीं तो भूतों का अकल्पनीय डरावनी कहानियां हो और इस जगत का बारे में जैसे कोरिया जिन्नात चुड़ैल यह सब का स्टोरी चाहे कहीं देखा हो या नहीं, मुझे लगता है ज्यादातर लोग लाइफ में यह सब कुछ देखा नहीं फिर भी यह सब का स्टोरी सुनना पसंद करता है। बहुत सारे लोग भूत प्रेत को देखा नहीं फिर भी इसका होने का दावा करते हैं और डरता भी है। सुनसान एरिया रात का सन्नाटा हो या अनजाने एरिया जहां पर कोई नहीं जाता है और खुद अकेला हो। यह जो स्टोरी बताने वाला हूं यह मेरे अंकल के साथ हुआ था ।आज से 20 साल पहले का बात है हमारा घर में दूर का रिश्तेदार जो मेरा अंकल होगा हमारा घर में घूमने आया था और दिनभर बारिश के वजह से घर में लौट नहीं पाया। दिन भर बारिश हुआ था और बारिश रुका भी नहीं रात को भी बारिश होने लगा। अंकल घर में नहीं गया उस दिन शाम के टाइम सब मिलकर बैठकर बातें करने लगा, क्योंकि बारिश के वजह से सबका काम बंद था इसीलिए बाबा मां और हम भाई बहन मिलकर जमजमाट कहानियां एक के बाद एक बोलने लगा। उस शाम का सबसे डरावनी कहानी जो था वह मेरे अंकल ने बताया था जो उनके साथ हुआ था। चाचा का गांव हमारा गांव से बहुत दूर है 3-4 गांव छोड़ कर उनका गांव था , गांव का नाम मंगला पुर है , जिस किसी को भी उनका गांव के बारे में पूछने से बोलता है  वह भूतों का गांव है। गांव जो है वो बहुत बड़ा गांव है, गांव से दूरी पर एक बड़ा सा ताल और नारियल का पेड़  वाला जंगल चारों तरफ  घेरा हुआ था। गांव का कोई भी इंसान उस जंगल में जाने के लिए दिन में भी डर रहा था। उस जंगल में नारियल और ताल भरपूर होकर रह रहा था कोई भी वहा पर जाकर लाने का हिम्मत नहीं हो पा रहा था। जून-जुलाई महीने में बहुत बारिश का सीजन है उस टाइम ताल नारियल रात को पेड़ के नीचे बहुत गिर कर रह रहा था। दिन में दूसरा गांव से लोग आके सब नारियल और ताल लेकर चला जा रहा था। इसीलिए एक दिन मेरे अंकल को दादी ने बोला है तुझे आज ताल लेकर आना पड़ेगा। क्योंकि नेक्स्ट डे श्री कृष्ण का जन्माष्टमी था, इसलिए उस दिन ताल से बहुत सारा खाने का आइटम बनाता है लोग। उस वजह से अंकल ने रात को ही सोच लिया आज सुबह सबका पहले मैंने जाकर ताल लेकर आऊंगा। रातों का अंधेरा था अंकल को पता नहीं था जो कितना टाइम हुआ वह अंधेरा रहते निकल गया टॉर्च लाइट लेकर। जब जंगल के तरफ जाने लगा तब उनका दिमाग में पता ही नहीं था रात का कितना टाइम हुआ। बस वह चलते ही गया जंगल की तरफ तब उनको दूर से कुछ गानों का आवाज आने लगा अंकल ने सोचा कोई दूसरे गांव में गाना बज रहा है। तब वह और भी अंदर की तरफ जाने लगा थोड़ा सा दूर जाते आवाज और भी तेज होने लगा। तब उसने दूर में देखा बहुत सारे लाइट अप डाउन हो रहा था तब वह लाइट देखकर डर से पीछे की तरफ घर लौटने लगा। पीछे घूमते उनको और भी लाइट ने घेर लिया और एक्ने चिल्ला के बोला चलो हमारे साथ शादी में बराती जाना है तुमको। यह सुनकर अंकल बेहोश हो गया। सुबह दूसरा गांव का लोग जब जंगल के तरफ गया तब अंकल को मिला। जब उसी ने आंखे खोलो तब देखा वह गांव का काली मंदिर के अंदर और उनके साइड में गांव का सारे लोग घूम के खड़ा हुआ है। उसको सब गांव वाला पूछने लगा क्या हुआ था कल ? क्यों गया था उस जंगल में?। तब अंकल ने सबको उस जंगल के बारे में बताया जो रात को क्या हुआ था उसके साथ। उस दिन के बाद से गांव का पंचायत सबको बोला उस जंगल की तरफ और नहीं जाने के लिए। पिछले साल अंकल से फिर मुलाकात हुआ तब मैंने हंसते हुए उनको पूछ लिया उस गांव का जंगल के बारे में। अंकल ने बताया जंगल अभी और ज्यादा नहीं है गांव वाला उसको काट कर अभी खेती बना लिया है।

भूतो की बाराती


दोस्तों आज मैं जो स्टोरी बताने वाला हूं यह एक भूत की बाराती का स्टोरी जो मेरे अंकल ने मुझे बताया था यह उनके साथ हुआ था। बचपन में सब लोगों को स्टोरी सुनना अच्छा लगता है और किसी किसी को अभी भी स्टोरी सुनना पसंद है चाहे वह सच्ची स्टोरी हो या ऐसे ही मनगडन काहानिया , नहीं तो भूतों का अकल्पनीय डरावनी कहानियां हो और इस जगत का बारे में जैसे कोरिया जिन्नात चुड़ैल यह सब का स्टोरी चाहे कहीं देखा हो या नहीं, मुझे लगता है ज्यादातर लोग लाइफ में यह सब कुछ देखा नहीं फिर भी यह सब का स्टोरी सुनना पसंद करता है। बहुत सारे लोग भूत प्रेत को देखा नहीं फिर भी इसका होने का दावा करते हैं और डरता भी है। सुनसान एरिया रात का सन्नाटा हो या अनजाने एरिया जहां पर कोई नहीं जाता है और खुद अकेला हो। यह जो स्टोरी बताने वाला हूं यह मेरे अंकल के साथ हुआ था ।आज से 20 साल पहले का बात है हमारा घर में दूर का रिश्तेदार जो मेरा अंकल होगा हमारा घर में घूमने आया था और दिनभर बारिश के वजह से घर में लौट नहीं पाया। दिन भर बारिश हुआ था और बारिश रुका भी नहीं रात को भी बारिश होने लगा। अंकल घर में नहीं गया उस दिन शाम के टाइम सब मिलकर बैठकर बातें करने लगा, क्योंकि बारिश के वजह से सबका काम बंद था इसीलिए बाबा मां और हम भाई बहन मिलकर जमजमाट कहानियां एक के बाद एक बोलने लगा। उस शाम का सबसे डरावनी कहानी जो था वह मेरे अंकल ने बताया था जो उनके साथ हुआ था। चाचा का गांव हमारा गांव से बहुत दूर है 3-4 गांव छोड़ कर उनका गांव था , गांव का नाम मंगला पुर है , जिस किसी को भी उनका गांव के बारे में पूछने से बोलता है  वह भूतों का गांव है। गांव जो है वो बहुत बड़ा गांव है, गांव से दूरी पर एक बड़ा सा ताल और नारियल का पेड़  वाला जंगल चारों तरफ  घेरा हुआ था। गांव का कोई भी इंसान उस जंगल में जाने के लिए दिन में भी डर रहा था। उस जंगल में नारियल और ताल भरपूर होकर रह रहा था कोई भी वहा पर जाकर लाने का हिम्मत नहीं हो पा रहा था। जून-जुलाई महीने में बहुत बारिश का सीजन है उस टाइम ताल नारियल रात को पेड़ के नीचे बहुत गिर कर रह रहा था। दिन में दूसरा गांव से लोग आके सब नारियल और ताल लेकर चला जा रहा था। इसीलिए एक दिन मेरे अंकल को दादी ने बोला है तुझे आज ताल लेकर आना पड़ेगा। क्योंकि नेक्स्ट डे श्री कृष्ण का जन्माष्टमी था, इसलिए उस दिन ताल से बहुत सारा खाने का आइटम बनाता है लोग। उस वजह से अंकल ने रात को ही सोच लिया आज सुबह सबका पहले मैंने जाकर ताल लेकर आऊंगा। रातों का अंधेरा था अंकल को पता नहीं था जो कितना टाइम हुआ वह अंधेरा रहते निकल गया टॉर्च लाइट लेकर। जब जंगल के तरफ जाने लगा तब उनका दिमाग में पता ही नहीं था रात का कितना टाइम हुआ। बस वह चलते ही गया जंगल की तरफ तब उनको दूर से कुछ गानों का आवाज आने लगा अंकल ने सोचा कोई दूसरे गांव में गाना बज रहा है। तब वह और भी अंदर की तरफ जाने लगा थोड़ा सा दूर जाते आवाज और भी तेज होने लगा। तब उसने दूर में देखा बहुत सारे लाइट अप डाउन हो रहा था तब वह लाइट देखकर डर से पीछे की तरफ घर लौटने लगा। पीछे घूमते उनको और भी लाइट ने घेर लिया और एक्ने चिल्ला के बोला चलो हमारे साथ शादी में बराती जाना है तुमको। यह सुनकर अंकल बेहोश हो गया। सुबह दूसरा गांव का लोग जब जंगल के तरफ गया तब अंकल को मिला।
जब उसी ने आंखे खोलो तब देखा वह गांव का काली मंदिर के अंदर और उनके साइड में गांव का सारे लोग घूम के खड़ा हुआ है। उसको सब गांव वाला पूछने लगा क्या हुआ था कल ? क्यों गया था उस जंगल में?। तब अंकल ने सबको उस जंगल के बारे में बताया जो रात को क्या हुआ था उसके साथ। उस दिन के बाद से गांव का पंचायत सबको बोला उस जंगल की तरफ और नहीं जाने के लिए।
पिछले साल अंकल से फिर मुलाकात हुआ तब मैंने हंसते हुए उनको पूछ लिया उस गांव का जंगल के बारे में। अंकल ने बताया जंगल अभी और ज्यादा नहीं है गांव वाला उसको काट कर अभी खेती बना लिया है।


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